गंगापार, मई 1 -- हमारे पूर्वजों ने पृथ्वी के संसाधनों को इस समझ के साथ उपयोग किया कि यह हमारी आगामी पीढ़ी को देने वाली धरोहर है। इसीलिए उन्होंने कृषि के समानांतर बागवानी भी की, लेकिन हमारी वर्तमान पीढ़ी ने भौतिक सुख सुविधाओं को लक्षित कर बागवानी को बिसरा दिया। जिसका खामियाजा यह हुआ कि पेड़ कम हुए और अप्रैल माह में पारा 44 पार है। अब भी समय है कि हम चेत जाएं और पौधरोपण को एक मिशन बनाएं। इस मिशन को अंजाम देने के लिए मेधावियों को विशेष तौर पर आगे आना होगा।

पौधरोपण का महत्व उक्त बातें फूलपुर रेलवे स्टेशन के पश्चिमी फाटक बाबूपुर में आयोजित मेधावी सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य सिद्धनाथ मौर्या ने प्रत्येक मेधावी को पौधे देते हुए कही। अधिवक्ता महेश सिंह यादव ने कहा कि इन पौधों को ले जाकर उचित स्थान पर रोपना होगा, इसके साथ ही इनक...