बाराबंकी, जून 21 -- बाराबंकी, संवाददाता। एक सप्ताह पूर्व सीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने भाकियू कार्यकर्ताओं की शिकायत पर जिला अस्पताल में प्राइवेट मेडिकोलीगल पर रोक लगाते हुए नोटिस चस्पा करा दी थी। ऐसे में पुलिस से पीड़ित जरूरतमंद चिकित्सीय परीक्षण कर न्यायालय से कार्रवाई कराते थे। प्रतिबंध के बाद मुवक्किलों की समस्या देख वकीलों में आक्रोश व्याप्त हो गया। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने डीएम से वार्ता कर किस गाइडलाइन के तहत रोक लगाई गई इसको लेकर चर्चा कर सीएमओ का घेराव करेंगे। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमनलाल द्विवेदी ने बताया कि मारपीट में अक्सर एक पक्ष को ज्यादा तो दूसरे को कम चोट आती है। लेकिन मारपीट में दोनों पक्षों को अधिकार है कि वह अपना मुकदमा दर्ज करा कर न्यायालय से न्याय पाने की उम्मीद रखता है। ऐसे में पुलिस द्वारा एक पक्ष की सुनवाई नह...