नई दिल्ली, फरवरी 5 -- कभी-कभी कानून की किताबों में लिखी बातें जमीन पर इंसान की जिंदगी से टकरा जाती हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने ठीक वहीं दखल दिया है, जहां नियम, संवेदना पर भारी पड़ रहे थे। मेडिकल छात्र के ट्रांसफर पर पूरी पाबंदी को अदालत ने न सिर्फ गलत ठहराया, बल्कि साफ कहा कि एकरूपता के नाम पर किसी छात्र के भविष्य और सेहत की अनदेखी नहीं की जा सकती।क्या था पूरा मामला यह मामला एक ऐसे मेडिकल छात्र से जुड़ा है जिसे 40 प्रतिशत दृष्टिबाधिता है। छात्र राजस्थान के बाड़मेर स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहा था, लेकिन वहां की कड़ी जलवायु उसकी सेहत पर बुरा असर डाल रही थी। छात्र ने दिल्ली के किसी मेडिकल कॉलेज में ट्रांसफर की मांग की। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशन, 2023 के रेगुलेशन 18 का हवाला देते हुए माइग्रेशन से इनकार...