नई दिल्ली, फरवरी 5 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। हाईकोर्ट ने एक मेडिकल छात्र के एक से दूसरे कॉलेज में स्थानांतरण पर प्रतिबंध को अमान्य करार दिया है। कोर्ट ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) को आवश्यक शर्तों को लागू करते हुए स्थानांतरण की अनुमति देने के लिए उचित नीति बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कहा कि स्नातक चिकित्सा शिक्षा विनियमन, 2023 का विनियमन 18 संविधान के विरुद्ध है। यह स्पष्ट रूप से अनुचित और मनमाना है। यह फैसला एक मेडिकल छात्र की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया गया, जो 40 प्रतिशत दृष्टिबाधित है। इस छात्र ने बाड़मेर के सरकारी मेडिकल कॉलेज से दिल्ली के एक कॉलेज में स्थानांतरण का अनुरोध किया था। राहत प्रदान करते हुए पीठ ने एनएमसी को याचिकाकर्ता के स्थानांतरण ...