पीलीभीत, मार्च 30 -- स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (एएसएमसी) ने सघन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में पूर्णकालिक फिजियोथेरेपी सेवा शुरू कर एक नया मानक स्थापित किया है। इस पहल का उद्देश्य गंभीर रूप से बीमार मरीजों को केवल जीवन-रक्षक उपचार तक सीमित न रखकर उनके समग्र पुनर्वास को सुनिश्चित करना है। आईसीयू में लंबे समय तक भर्ती रहने वाले मरीजों में मांसपेशियों की कमजोरी और शारीरिक जटिलताएं आम समस्या होती हैं। चिकित्सकीय अध्ययनों के अनुसार, ऐसे लगभग 90 प्रतिशत मरीजों में दीर्घकालिक कमजोरी देखी जाती है, जबकि वेंटिलेटर पर रहने वाले करीब 25 प्रतिशत मरीज गंभीर शारीरिक समस्याओं से जूझते हैं। इसी चुनौती को देखते हुए अब आईसीयू में बहु-विषयक उपचार पद्धति लागू की गई है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा...