पीलीभीत, मार्च 18 -- पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज में आईसीयू के डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यहां पहली बार शैय्या (बेड) पर ही त्वचा मार्ग से विस्तारण कर श्वासनली (ट्रेकियोस्टॉमी) बनाने की प्रक्रिया सफलतापूर्वक की गई। इससे गंभीर मरीजों के इलाज में नई राह खुली है। डॉक्टरों के अनुसार यह प्रक्रिया 55 वर्षीय एक व्यक्ति पर की गई, जो छह मार्च को सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके सिर में गहरी चोट के साथ चेहरे की हड्डियां भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त थीं। प्राथमिक उपचार के बाद 15 मार्च को उसे बरेली से पीलीभीत मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां आईसीयू में भर्ती कर वेंटिलेटर और दवाओं के सहारे इलाज शुरू किया गया। आईसीयू प्रभारी डॉ. अरविंद एम के नेतृत्व में टीम ने मरीज की स्थिति को स्थिर किया। डॉक्टरों ने बेड पर ही...