देवरिया, फरवरी 6 -- देवरिया, निज संवाददाता महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में टीबी के मरीज का पहली बार एसाईटिस फ्लूड टैपिंग कर इलाज किया गया। मरीज के पेट से करीब चार लीटर पानी सुरक्षित निकाला गया। इसके बाद मरीज को राहत मिल गई है। मरीज काफी दिनों से इस बीमारी को लेकर परेशान थी। निजी अस्पतालों में इलाज कराने पर मरीज पर आर्थिक बोझ पड़ता। जनपद के भलुअनी ब्लाक के एक गांव की तीस वर्षीया महिला पेट के टीबी रोग से पीड़ित है। उसके पेट में पानी भर गया। वह कई माह से परेशान थी। उसका पेट फूल गया था और कई तरह की परेशानी हो रही थी। वह सरकारी और कई निजी अस्पतालों में इलाज कराई, लेकिन संतोषजनक उपचार नहीं मिला और हालत में सुधार नहीं हुआ। साथ ही धन भी खर्च हुआ। इसके बाद मरीज मेडिकल कॉलेज के टीबी एवं श्वांस रोग विभाग में पहुंची, जहां विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग ...