बिजनौर, सितम्बर 28 -- मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध होने के बावजूद दिल के गंभीर रोगियों के लिए जिला अस्पताल में कोई इंतजाम नहीं है। पिछले करीब 19 साल से यहां कोई कॉर्डियोलॉजिस्ट नहीं है। कभी यहां आईसीसीयू भी था, लेकिन दिल के डॉक्टर के न होने से वह भी खत्म कर दिया गया। रेफर किए जाने पर दिल के दौरे के गंभीर रोगियों को जोखिम उठाकर करीब 85 किमी दूर मेरठ मेडिकल कालेज जाना पड़ता है अथवा निजी डॉक्टरों का रुख करना पड़ता है जो आम आदमी के लिए बहुत महंगा पड़ता है। करीब 19 साल पहले जिला अस्पताल से कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. वीके गुप्ता का तबादला गैर जनपद को कर दिया गया था, लेकिन उनके स्थान पर यहां किसी दूसरे कॉर्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं की गयी थी। लंबा समय बीतने के बाद भी शासन से आज तक दूसरे कॉर्डियोलॉजिस्ट की यहां तैनाती नहीं की गई है। कभी जिस आईसीसीयू में दिल ...