प्रयागराज, फरवरी 20 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि अपनी मर्जी से मेडिकल जांच कराकर अनुकूल रिपोर्ट पेश करने से यह नहीं कहा जा सकता कि मेडिकल बोर्ड की जांच व फिर जांच रिपोर्ट अविश्वसनीय है। मेडिकल बोर्ड की दो बार जांच में अनफिट करार देने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुनः तीसरी बार जांच कराने की मांग में दाखिल याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बुधवार ने प्रवीण कुमार की याचिका पर अधिवक्ता अदितेंद्र सिंह व केंद्र सरकार के वकील दीपक सिंह को सुनकर दिया है। याची पैरा मिलिट्री फोर्स की भर्ती में कांस्टेबल में शामिल हुआ था। मेडिकल जांच में दोनों आंखों में खामी पाई गई और अनफिट करार दिया। दोबारा जांच में भी...