बिजनौर, जून 17 -- ​बिजनौर। राजकीय मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। चांदपुर की रहने वाली 64 वर्षीय सुदेशी देवी के बाएं पैर और टखने में एक गंभीर एक्सीडेंट के बाद मल्टीपल फ्रेक्चर (हड्डी का कई टुकड़ों में टूटना) हो गया था। महिला गंभीर डायबिटीज से भी पीड़ित थीं, जिससे सामान्य सर्जरी करना बेहद जोखिम भरा था। ​अस्थि रोग विशेषज्ञ डा. गौरव सिंह और उनकी टीम ने इस चुनौती को स्वीकार किया और रूसी 'इलिजारोव' तकनीक के जरिए बिना कोई बड़ा चीरा लगाए महिला का सफल ऑपरेशन किया。

इस तकनीक के बड़े फायदे: ​बिना चीरे का ऑपरेशन: फ्रेक्चर वाली जगह पर चीरा न लगाने से इन्फेक्शन का खतरा न के बराबर हो जाता है।

अगले ही दिन से चलना: इस तकनीक की मदद से मरीज ऑपरेशन के अगले ही दिन सहारे से चलने फिरने और अपनी दैनिक गतिविधियां करने में सक्ष...