नई दिल्ली, अगस्त 29 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) के काम कारण राजधानी में शहरी बेघर आश्रयों को बंद/ स्थानांनरित किए जाने को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा। शीर्ष अदालत ने 22 साल पुराने एक जनहित याचिका में डीएमआरसी के कामकाज के चलते आनंद विहार और सराय काले खां में 8 मौजूदा आश्रय गृहों के बंद किए जाने का उल्लेख किए जाने पर यह आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया और आलोक अराधे की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने आश्रय गृहों को बंद किए जाने का उल्लेख किया। भूषण ने पीठ से कहा कि आश्रय गृहों के बंद होने से सैकड़ों लोग बेघर हो जाएंगे। उन्होंने पीठ से कह...