मुजफ्फरपुर, फरवरी 7 -- मुजफ्फरपुर। व्यवस्थागत त्रुटि ने जिन व्यक्तियों को मृत मान लिया, वे अफसरों के सामने खड़े होकर गुहार लगा रहे हैं कि हुजूर हम जिंदा हैं, लेकिन कागजी सबूत के बिना वे जीवित नहीं माने जा रहे। यह हाल है जिले में बुजुर्गों को पेंशन देने की व्यवस्था की। पेंशनधारियों को जीवन प्रमाणीकरण के लिए भटकना पड़ रहा है। बंद पेंशन चालू नहीं हो पा रही है। जिले में कई पेंशनधारी हैं, जिनका केवाईसी नहीं होने से पेंशन बंद है। जब वे इसकी जांच किसी सीएससी केन्द्र पर जाकर करवाते हैं तो उनके नाम के सामने मृत घोषित किया हुआ दिखता है। पेंशनधारियों ने बताया कि शिकायत करने पर विभाग के कर्मी अपनी गलती मानने की बजाए हमें ही दोषी करार देते हुए सबूत जमा करने की सलाह देते हैं। कई बुजुर्गों की दूसरे कारणों से पेंशन बंद है, लेकिन वे विभागीय कार्यालय और बै...