मृत्यु के बाद शव को जमीन पर क्यों लिटाया जाता है? गरुड़ पुराण से जानें इसके पीछे का कारण
नई दिल्ली, अक्टूबर 30 -- सनातन धर्म में जन्म से लेकर मृत्यु तक कई संस्कारों और परंपराओं का पालन किया जाता है। किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार से पहले उसके शरीर को स्नान कराया जाता है, नए वस्त्र पहनाए जाते हैं और कुछ समय के लिए जमीन पर लिटाया जाता है। यह परंपरा केवल अंतिम संस्कार की तैयारी का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसके साथ कई धार्मिक मान्यताएं और जीवन से जुड़े गहरे संदेश भी जुड़े हैं। आइए जानते हैं कि मृत्यु के बाद शव को जमीन पर लिटाने के पीछे क्या कारण बताए जाते हैं।पंचतत्वों से जुड़ा है शरीर का संबंध सनातन धर्म में मनुष्य के शरीर को पांच महाभूतों से निर्मित माना गया है। ये 5 तत्व पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जीवन समाप्त होने के बाद शरीर धीरे-धीरे इन्हीं पंचतत्वों में विलीन हो जाता है। अंतिम ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.