रांची, जुलाई 7 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने व्याख्याता की मृत्यु के पांच वर्ष बाद भी मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मांडर कॉलेज की ओर से लगातार दो सुनवाई में कोई पक्ष नहीं रखे जाने और भुगतान संबंधी जानकारी नहीं देने पर मांडर थाना के माध्यम से कॉलेज के प्राचार्य को सूचना देकर 7 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि उनके पति मांडर कॉलेज में व्याख्याता थे और वर्ष 2021 में उनका निधन हो गया था। हाईकोर्ट ने वर्ष 2024 में पंचम, छठे और सप्तम वेतनमान सहित सभी बकाया लाभ देने का आदेश दिया था। यह भी पढ़ें- नियमित नियुक्ति से पहले की संविदा सेवा भी पेंशन योग्य : हाईकोर्ट बाद में उच्च शिक्षा विभाग ने ...