मुरादाबाद, अगस्त 14 -- मूसलाधार बारिश भी भोले के भक्तों के कदम नहीं रोक सके। पैरों में घुंघरू, बजती स्वीटी, पन्नी से ढके डीजों से बहता भक्ति संगीत और भोले की भक्ति में रमे कांवड़िये बरसात के बीच भी थिरकते हुए आगे बढ़ रहे हैं। जिन्हें देख लोग भी कहने लगे कि बस यही है भक्ति का जुनून। कांठ रोड पर हरिद्वार से गंगाजल लेकर रामपुर, शाहबाद, मिलक आदि क्षेत्रों के कांवड़ बेड़े वापसी कर रहे थे। दूसरी ओर बारिश से बेपरवाह कांवड़िये आगे बढ़ते गए। पन्नी से डीजे ढक रखे थे। मगर इनसे भक्ति संगीत निरंतर प्रवाहित हो रहा था। बारिश की फुहारों के बीच संगीत पर कांवड़िये थिरकते हुए चलते रहे। इन्हें देख राहगीरों के कदम भी ठिठक गए और अनायास ही कहने लगे बस ही है भक्ति का जुनून। यह सिलसिला बारिश थमने के बाद और तेज हो गया और रात तक चलता रहा। उधर, बृजघाट से कांवड़ लाने...