पलामू, जून 27 -- मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। जनजाति सुरक्षा मंच के प्रांतीय संयोजक हिंदुआ उरांव ने कहा कि जो आदिवासी अपनी मूल परंपराओं को छोड़कर अन्य धर्म अपना चुके हैं, उन्हें आदिवासी आरक्षण और संवैधानिक लाभ नहीं मिलने चाहिए। 24 मई को दिल्ली में आयोजित जनजाति समागम पूरी तरह सफल रहा। समागम के बाद प्रधानमंत्री को मांग पत्र भी सौंपा गया है। वे शनिवार को वनवासी कल्याण केंद्र की पलामू यूनिट के मेदिनीनगर स्थित कार्यालय में प्रेस प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। डिलिस्टिंग होने तक उलगुलान जारी रखने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में आयोजित जनजाति सांस्कृति समागम में लेह-लद्दाख से लेकर कन्या कुमारी तक के करीब पांच सौ जनजाति समाज के करीब एक लाख से अधिक लोग जुटे थे। यह भी पढ़ें- डिलिस्टिंग होने तक जारी रहेगा उलगुलान : हिंदुआ इस कार्यक्रम में म...