उरई, जून 25 -- जालौन। मुहर्रम के मौके पर अलम निकाले गए इसके बाद दिन में छड़ें उठाई गईं। स्थानीय प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था से सभी कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुए। इस दौरान जगह, जगह लंगर और फातिहा का दौर चला। मुहर्रम में ताजिए से दो दिन पहले रात में अलम व उसके अगले दिन छड़ों को निकाला जाता है। नगर में छह स्थानों पर अलम रखे गए और 23 स्थानों पर छड़ें रखी गईं थी। रापटगंज में जायदा बेगम के यहां से अलम उठाया गया। इसके बाद अयूब सलमानी, उस्मान राईन, हफीज मुकेरी, मकसूद व अफसार के यहां रखे अलम उनके साथ पूर्व निर्धारित मार्ग पर निकाले गए। यह भी पढ़ें- शहादत, सब्र और इंसानियत का पैगाम देता है मुहर्रम अकीदतमंदों ने अलम के पास पहुंचकर फातिहा पढ़ी। इसके बाद कल्लू व मल्लू पठान के अलावा हफीज खां, महबूब, कासिद, चंदा, इस्मईल, जहीर, जहूर, जाकिर, शहाबुद्दीन, ...