भागलपुर, जून 24 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। मुहर्रम की सात तारीख को मजलिस का सिलसिला भागलपुर के सभी इमामबाड़ों और घरों में जारी रहा। बड़ा इमामबाड़ा में मौलाना नासिर हुसैन और छोटा इमामबाड़ा में मौलाना साबिर हुसैन ने मजलिस पढ़ी। उन्होंने हजरत अब्बास की शहादत को बयान किया। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन के खेमे में पानी खत्म हो गया था और बच्चे प्यास से बिलखने लगे। तब हजरत अब्बास फरात नदी से पानी लाने गए। जब पानी ले कर वह खेमा में वापस आ रहे थे तो यजीद की फौज ने उनको घेर कर हमला कर दिया और वह शहीद हो गए। हजरत अब्बास को अलम्बरदार भी कहा जाता है। यह भी पढ़ें- हजरत कासिम की शहादत का गम मनाते अकीदतमंद इधर, रात में बरारी के इमामबाड़ा से अलम का जुलूस निकाला गया। जिसमे काफी संख्या में शिया समुदाय के लोग शामिल हुए। बुधवार को बड़ा इमामबाड़ा असानंदपुर से श...