चंदौली, जून 22 -- चंदौली। संवाददाता मुहर्रम की पांचवें दिन रविवार को नगर स्थित स्वर्गीय डा. सैयद अब्दुल्ला मुजफ्फर के अजाखाना-ए-रजा में अलम और ताबूत का जुलूस निकाला गया। इस दौरान 'या अली-या हुसैन' की सदाएं गूंज उठी। अजादारों ने अलम और ताबूत को चूमकर दुआएं मागीं। साथ ही इमाम हुसैन की अजीमुश्शान कुर्बानी को अपनी खिराजे अकीदत पेश की। वहीं बनारस से आई अंजुमन जव्वादिया पीतरकुंडा ने अपने मातमी नौहों से अजादारों को रोने के लिए मजबूर कर दिया। इसके बाद कटेसर से आई अंजुमन सदा-ए-हक और अंजुमन अब्बासिया सिकंदरपुर ने भी अपने नौहों से अजादारों की आंखें नम कर दी।इस दौरान मजलिस में मौलाना जाफर रिजवी ने जनाबे अली अकबर के ताबूत की अजमत बयान किया। यह भी पढ़ें- हजरत अली असगर का झूला बरामद कहा कि जनाबे अली अकबर इमाम हुसैन के बेटे थे और उनकी शक्ल मुहम्मद साहब स...