बोकारो, जून 26 -- बोकारो जिले के कसमार प्रखंड स्थित सुरजुडीह गांव आज भी सांप्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की ऐसी मिसाल पेश करता है, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। यहां मुहर्रम का पर्व केवल मुस्लिम समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि ब्राह्मण टोला के ग्रामीण भी उतनी ही श्रद्धा और आस्था के साथ ताजिये का स्वागत करते हैं। यह भी पढ़ें- 70 सालों से हिंदू परिवार बना रहा मुहर्रम का ताजियासुरजुडीह की परंपराएं सुरजुडीह में कई पीढ़ियों से चली आ रही यह अनूठी परंपरा आज भी अक्षुण्ण है। मुहर्रम के दिन गांव की दरगाह से जब ताजिया निकलता है, तो वह सीधे ब्राह्मण टोला स्थित काली मंदिर परिसर पहुंचता है। यहां ब्राह्मण समुदाय के लोग विशेष रूप से आसन बिछाकर ताजिये का स्वागत करते हैं। यह भी पढ़ें- उमगांव में हिन्दू परिवार ने मन्नत पूरी होने पर बनाया 60 फीट...