पाकुड़, मार्च 7 -- प्रखंड मुख्यालय स्थित जामे मस्जिद के इमाम अबुल बसर ने बताया कि रमजान का पर्व मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए पवित्र पर्व होता है। रमजान रहमत, इबादत और नेकी का मुकद्दस महीना होता है। माह-ए-रमजान में गरीबों की मदद जकात व फितरा के रुप में भी किया जाता है। जकात फर्ज है तो फितरा वाजिब है। इमाम अबुल बसर ने बताया कि सबसे पहले आसपास के लोगों का ख्याल रखें। अगर आपके समाज में कोई गरीब या जरुरतमंद है। तो सबसे पहले उसकी मदद करें। रोजा व नमाज के साथ आसपास के लोगों का ख्याल रखना भी सवाब है। इमाम अबुल बसर ने सभी रोजेदारों को रोजा इफ्तार का विशेष प्रार्थना कराया। रोजा के नमाज के महत्व की जानकारी दी गई। पाकुड़िया मुख्यालय के अंतर्गत जामा मस्जिद पाकुड़िया में पवित्र रमज़ान माह का तीसरा जुम्मा बड़े ही अकीदत और एहतराम के साथ अदा किया गया। इस...
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