संवाददाता, अप्रैल 2 -- इटावा के कांशीराम कॉलोनी क्षेत्र में इंसानियत, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली। जिसने हर किसी का दिल छू लिया। यहां 72 वर्षीय रिटायर्ड होमगार्ड आनंद स्वरूप की मौत के बाद, जब उनके अपने सामने नहीं आए। तब मुस्लिम पड़ोसियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे सम्मान के साथ हिंदू रीति-रिवाज से उनका अंतिम संस्कार किया। आरटीओ ऑफिस के पास स्थित कांशीराम कॉलोनी के कमरा नंबर 18 में रहने वाले आनंद स्वरूप 20 वर्षों से अकेले जीवन बिता रहे थे। बीते कुछ दिनों से उनकी हालत और अधिक गंभीर हो गई थी। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और शरीर भी बेहद कमजोर हो चुका था। ऐसे कठिन समय में उनके पड़ोसी मोहम्मद वाजिद अहमद और रेशमा ने मानवता का परिचय देते हुए उनकी देखभाल की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली। जब उनकी तबियत ज्यादा ब...