मुस्लिम कर्मी की दूसरी पत्नी भी पेंशन की हकदार, स्वास्थ्य विभाग नजमा खातून को लाभ दे; पटना HC का फैसला
विधि संवाददाता, अगस्त 5 -- पटना हाईकोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में कहा है कि जब तक देश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) या ऐसा कोई कानून जो मुस्लिमों में बहुविवाह पर रोक नहीं लगाता हैं, तब तक मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत हुई दूसरी शादी मान्य होगी। इसके आधार पर किसी मुस्लिम विधवा को पारिवारिक पेंशन देने से राज्य सरकार इनकार नहीं कर सकती। न्यायमूर्ति पूर्णेंदु सिंह की एकलपीठ ने मृत सरकारी कर्मचारी की दूसरी पत्नी नजमा खातून की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। आवेदिका के अधिवक्ता ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में रहे मो. उस्मान ने अपने जीवन काल में ही अपने पीपीओ (पेंशन अधिसूचना पत्र) में सुधार के लिए एक आवेदन दिया था। आवेदन में अपनी मृत पहली पत्नी और उसके पुत्र का नाम हटाकर दूसरी पत्नी व उससे उत्पन्न पुत्री का नाम पीपीओ में दर्ज करने का ...
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