नई दिल्ली, जुलाई 31 -- सुप्रीम कोर्ट ने मुसलमानों के बीच बहुविवाह को लेकर शुक्रवार को बड़ी टिप्पणी की। अदालत ने केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है कि वो जवाब दे कि मुस्लिमों में बहुविवाह की प्रथा को पूरी तरह बंद क्यों न किया जाए। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और दो अन्य जजों की बेंच ने ये नोटिस जारी किया। ये याचिका जकिया सोमन, नूरजहां साफिया नियाज व कुछ और महिलाओं ने लगाई है। उन्होंने कहा कि 1937 वाले मुस्लिम पर्सनल लॉ में बहुविवाह को मान्यता मिलती है, जबकि बाकी लोगों के लिए ये जुर्म है। भारतीय न्याय संहिता में दूसरे लोग अगर दूसरी शादी करते हैं तो 7 साल तक जेल हो सकती है, लेकिन मुस्लिम मर्दों को ये छूट मिली हुई है। यह भी पढ़ें- 40 बेगुनाहों की मौत, पाकिस्तान की हरकतों की जांच हो; PoK के हालात पर भारत याचिका में लिखा है कि ये बात महिलाओं के साथ अन्याय ह...