सराईकेला, मई 28 -- खरसावां। मुसलमानों का दूसरा सबसे बडा पर्व ईद उल अजहा (बकरीद) है जो गुरुवार को मनाया जाएगा। इसे लेकर समुदाय के लोग तैयारी में जुट गए हैं। कुर्बानी का खस्सी खरीदने के लिए इन दिनों साप्ताहिक हाट, बजारों में भीड़ उमड़ रही है। साथ ही समुदाय के लोग गांव-गांव का चकर लगा रहे हैं। कुर्बानी के लिए खरसावां में 10 से लेकर 50 हजार तक के खस्सी बजार में उतारे जा रहे हैं। वही विभिन्न क्षेत्रों से लोग 70 हजार तक के खस्सी खरीद कर ला रहे हैं। कुर्बानी पर खरसावां के बेहरासाई मौलाना आसिफ इकबाल रजवी ने कहा कि खास जानवरों को बकरीद के दिन सवाब की नीयत से अल्लाह की राह में जबहा किया जाता है जो कुर्बानी कहलाती है। यह कुर्बानी हजरत इब्राहीम अलैहिस सलाम की सुन्नत है। मोहम्मद साहब ने भी कुर्बानी का हुक्म दिया है। कुरआन पाक के सूरह कौसर में अल्लाह फ...