कानपुर, अगस्त 10 -- कानपुर। ऑल इंडिया गरीब नवाज काउंसिल ने सोमवार को जामिया अशरफुल मदारिस में वतन की आज़ादी और उलमा की क़ुर्बानियां विषय पर संगोष्ठी की। वक्ताओं ने कहा कि शाह अब्दुल अज़ीज़ मुहद्दिस देहलवी ने सन 1772 ईसवी में अंग्रेजों के खिलाफ जेहाद का फतवा देकर जंग-ए-आज़ादी का सूर फूंक कर तहरीक-ए-आज़ादी का आगाज फरमा दिया था। मौलाना हाशिम अशरफी ने कहा कि मुल्क की आजादी के लिए कुर्बानी देने वाले उलमा की कमी नहीं है। इसका आगाज मदरसों से किया गया था। कारी मोहम्मद अहमद ने वतनी गीत पेश किया। मुल्क की तरक्की, अमन व सलामती और शहीदों की मगफिरत के लिए दुआएं की गईं। यह भी पढ़ें- मशावरती बोर्ड ः नए वंदेमातरम् बिल वापस लेने की मांग मौलाना फतह मोहम्मद कादरी, मौलाना महमूद हसन अख्तर, मौलाना गुल मोहम्मद जामई, मौलाना सुफियान अहमद मिस्बाही, मौलाना मोहम्मद ...