ललितपुर, सितम्बर 4 -- ललितपुर। भगवान श्रीकृष्ण का बुंदेलखंड के ललितपुर जनपद से गहरा नाता है। उन्होंने कालयवन नामक दैत्य के संहार को लीला खेली थी। जिसमें वह दौड़ते हुए ग्राम धौजरी की गुफाओं में छिपे थे और यहां राजा मुचकुंद को जगाने पर कालयवन भस्म हो गया था। इसी गुफा से कुछ दूरी पर बेतवा किनारे प्राचीन मंदिर में श्रीजी विराजमान हैं। श्रीमद्भागवत के दशम् स्कंध की शुरुआत में भगवान श्रीकृष्ण की इस लीला का स्पष्ट वर्णन है। जरासंध मथुरा पर लगातार आक्रमण कर रहा था। तभी कालयवन ने भी मथुरा पर हमला बोल दिया। मथुरा की जनता को बार-बार युद्ध से बचाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने सुनियोजित रणनीत के तहत वरदानी कालयवन राक्षस के सामने से होकर उससे दूर भागने लगे। उसने भगवान को द्वंद्व युद्ध के लिए चुनौती दी और उनकी ओर दौड़ पड़ा। भगवान श्रीकृष्ण आगे और कालयवन उनके...