नई दिल्ली, जुलाई 25 -- एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो मैसेज में भूख हड़ताल खत्म करने के उनके फैसले पर सवाल उठाने वाले आलोचकों पर निशाना साधा। वांगचुक ने कहा कि उन्हें अपने मकसद के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित करने के लिए किसी 'चरित्र प्रमाण पत्र' की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए 26 दिनों तक उपवास करने से शरीर का वजन 11 किलो कम हो गया है। मेरे अंग और दिमाग नुकसान की कगार पर पहुंच गए थे। इससे उबरना मुश्किल हो सकता है। क्या मुझे किसी से इस बात का चरित्र प्रमाण पत्र लेना होगा कि मेरा उपवास कितना पवित्र था। मैंने किसके हाथों इसे तोड़ा या मैंने कोई समझौता किया या नहीं? उन्होंने शुक्रवार को मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में केंद्र सरकार से न...