मुजफ्फरपुर, अगस्त 26 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। मुजफ्फरपुर समेत छह जिले के शिक्षक बच्चों की दिव्यांगता की पहचान करने में आगे हैं। इन जिलों के 50 फीसदी से अधिक शिक्षकों ने प्रशस्त एप पर पंजीकरण कराया है। यह भी पढ़ें- Sasaram News: 31 अगस्त तक शिक्षकों को प्रशस्त ऐप 2.0 पर कराना होगा पंजीकरण विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान इस एप के जरिए शिक्षकों को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान की ट्रेनिंग दी जा रही है। सरकारी और निजी स्कूल के शिक्षकों को कक्षा में बच्चों की पहचान करनी है। इसमें 21 तरह की दिव्यांगता की पहचान करनी है, जिसके लिए यह ट्रेनिंग दी जा रही है। छह जिलों में 50 फीसदी से अधिक शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। बाकी जिलों में 7 से 38 फीसदी शिक्षकों ने इसमें रूचि दिखाई है। इसपर बिहार शिक्षा परियोजना की राज्य कार्यक्रम अधि...