भागलपुर, मार्च 11 -- भागलपुर, मुख्य संवाददाता। मुजफ्फरपुर के जुब्बा सहनी भागलपुर में फांसी पाकर अमर हो गए। आजादी के पहले अंग्रेजों ने जिस जेल में फांसी पर लटकाया, आजादी के बाद उस जेल का नामकरण ही जुब्बा सहनी के नाम पर हो गया। हालांकि नामकरण में काफी देर जरूर हुई। मुजफ्फरपुर के मीनापुर थाना अंतर्गत चैनपुर बस्ती के रहने वाले जुब्बा सहनी को 11 मार्च 1944 को फांसी दी गई थी। अमर शहीद जुब्बा पर इल्जाम था कि उसने 16 अगस्त 1942 को मीनापुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष लुईस वॉलर को जिंदा जला दिया था। जुब्बा का जन्म चैनपुर बस्ती में निर्धन मल्लाह (निषाद) परिवार में वर्ष 1906 में हुआ था। जुब्बा की उम्र 36-37 साल रही होगी। जब वे स्वतंत्रता संग्राम में कूदे थे। उनके पिता का नाम पाचू सहनी था। जुब्बा ने जब होश संभाला तो घर में गरीबी इतनी थी कि स्कूल जाने के बद...
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