संवाददाता, अगस्त 13 -- मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान नंगला मंदौड़ पंचायत में सरकारी काम में बाधा डालने और निषेधाज्ञा उल्लंघन के केस में पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, पूर्व मंत्री सुरेश राणा, यूपी के कौशल विकास राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, सपा सांसद हरेंद्र मलिक समेत 22 आरोपियों से शासन की संस्तुति पर केस वापस हो गया है। विशेष एमपी एमएलए कोर्ट के पीठासीन अधिकारी डॉ.देवेंद्र सिंह फौजदार ने इस संबंध में आदेश दिए हैं। तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार के समय मुजफ्फरनगर में 27 अगस्त 2013 को कवाल कांड हुआ था जिसमें कवाल गांव में भीड़ ने गौरव और सचिन की पीट पीटकर हत्या कर दी थी। इस मॉब लिंचिंग के बाद जब तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह और तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी हत्यारोपियों की धरपकड़ कर रहे थे तो राजनीतिक दबाव के चलते शासन ने उनका तबादला आदेश ...