मेरठ, अप्रैल 27 -- मुजफ्फरनगर के 15 गांवों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगे गए वर्ष 1923 से 1951 तक के नक्शों को लेकर बड़ा निर्णय सामने आया है। आवेदक प्रियंक भारती चिकारा द्वारा जानकारी मांगे जाने के बावजूद जन सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया और न ही सुनवाई की गई। मामले में संज्ञान लेते हुए मुख्य सूचना आयुक्त द्वारा नोटिस जारी किए गए, जो जन सूचना अधिकारी के साथ-साथ प्रथम अपीलीय अधिकारी को भी भेजे गए। आज हुई सुनवाई के दौरान मुख्य सूचना आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि गंगा से संबंधित अभिलेखों के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा तथा सभी नक्शे निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।साथ यह भी पढ़ें- आरटीआई से खुलासा: राजेंद्र पथ की जमीन के अधिग्रहण का नहीं मिल रहा दस्तावेज ...