मुगल काल में बनाया गया जंतर-मंतर, कैसे बन गया था लोकतंत्र की आवाज; पूरी कहानी
नई दिल्ली, अक्टूबर 12 -- कॉकरोच जनता पार्टी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत मांग रही है। वहीं दिल्ली पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए धरना स्थल की लिस्ट से जंतर-मंतर का नाम हटा दिया है। अब केवल बुराड़ी मैदान, सीबीडी ग्राउंड और रामलीला मैदान में प्रदर्शन किया जा सकता है। जंतर-मंतर एक ऐतिहासिक स्थल है लेकिन पिछले कई सालों से यह लोकतंत्र की आवाज बना हुआ है। देशभर में समस्या चाहे किसानों की हो, खिलाड़ियों की या फिर सरकारी कर्मचारियों की। वे जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से धरना देते थे। हालांकि अब जंतर-मंतर पर इस तरह के प्रदर्शन दिखाई नहीं देंगे।कहां है जंतर-मंतर जंतर-मंतर नई दिल्ली के लुटियन्स इलाके में है। कनॉट प्लेस से इसकी दूरी मात्र 100 मीटर है। जंतर-मंतर से संसद भवन भी 500 मीटर की ही दूरी पर है। ऐसे में यह स्थल संवेदनशील इलाके में है और इसलिए य...
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