नई दिल्ली, जून 21 -- हिंदी सिनेमा के लिए 1960 का दशक बेहद खास था। इस साल आई मुगल-ए आजम, चौदहवीं का चांद, बरसात की रात समेत कई शानदार फिल्में रिलीज हुई थीं। इन फिल्मों की कहानी, गीतों और एक्टर्स की परफॉरमेंस ने छाप छोड़ दी। लेकिन मुगल-ए आजम सब पर भारी पड़ी। कमाई के मामले में इस फिल्म सबसे आगे रही। कई अवॉर्ड भी अपने नाम किए। सलीम के किरदार के लिए दिलीप कुमार बेस्ट एक्टर बने, लेकिन अनारकली से दुनियाभर में अलग पहचान बनाने वाली उस साल का अवॉर्ड हार गई।मधुबाला अवॉर्ड हार गई ये यकीन करना मुश्किल है कि मुगल-ए आजम में अनारकली के किरदार के लिए मधुबाला बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड एक दूसरी हीरोइन से हार गई थीं। मधुबाला के करियर को नई पहचान देने वाला किरदार अनारकली अवॉर्ड सेरेमनी वाले दिन हार गया। और जिस एक्ट्रेस ने मधुबाला को अनारकली के लिए हराय...