देवरिया, मई 25 -- देवरिया, निज संवाददाता। बैतालपुर चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष बृजेंद्र मणि त्रिपाठी व संयोजक अवधेश मणि त्रिपाठी ने संयुक्त प्रेसवार्ता में कहा कि जिले में कभी 14 चीनी मिले हुआ करती थी, यहां तक एशिया की पहली चीनी मिल देवरिया के 1903 में प्रतापपुर में स्थापित हुई। उसी कालखंड में बैतालपुरम में भी चीनी मिल लगायी गयी।वर्ष 2008 से 10 के बीच उक्त सभी चीनी मिलों को तत्कालीन बसपा सरकार ने बेच दी। बैतालपुर मिल को चलाने की शर्त पर बेचा गया, लेकिन उसे चालू नहीं कराया गया। जिले के किसान चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति बनाकर मिल चलाने की मांग को लेकर 2018 में चीनी मिल चलाने को आंदोलन शुरू किया। यह भी पढ़ें- मजूदरों के भुगतान की मांग को लेकर समस ने दिया धरना मुख्यमंत्री जिले के कार्यक्रमों में चार बार चीनी मिल चलाने की घोषणा कर चुक...