नई दिल्ली, अक्टूबर 23 -- दिल्ली सरकार के कई विभाग संवेदनशील मामलों की फाइल मुख्यमंत्री की सलाह के बिना सीधे उपराज्यपाल को भेज रहे हैं। इस पर एलजी वीके सक्सेना ने कड़ी नाराजगी जताई है। इसके बाद सभी अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे ऐसे मामलों में मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव की राय लेने के बाद ही एलजी को फाइल भेजें। दिल्ली सरकार के संयुक्त सचिव प्रदीप तायल की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि कुछ विभाग जीएनसीटीडी ऐक्ट, 1991 की उस धारा का पालन नहीं कर रहे। इसके तहत संवेदनशील मामलों में मुख्यमंत्री के माध्यम से उपराज्यपाल के पास फाइल भेजी जाती है। मुख्य सचिव के निर्देश पर सभी प्रशासनिक सचिवों से कहा गया है कि वह उपराज्यपाल के विचार के लिए किसी भी प्रस्ताव और मामले को भेजने से पूर्व नियमों का पालन सुनिश्चित करें।इन मामलों में राय जरूरी ऐसे मामले ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.