मैनपुरी, अप्रैल 29 -- नशा-मुक्ति अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ डीएम डा. इंद्रमणि त्रिपाठी ने महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल प्रवर्तन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके लिए सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास के उपायों को समान रूप से लागू करना अनिवार्य है। डीएम ने निर्देश दिए कि पारंपरिक रूप से अवैध शराब निर्माण में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं जैसे आवास, पेंशन और स्वरोजगार का लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि जब ऐसे परिवारों को महिला समूहों और मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा, तो वे स्वेच्छा से अवैध गतिविधियों का त्याग कर देंगे। यह भी पढ़ें- एडीसी व पांच डीआई का वेतन किया गया बंद अभियान के तहत शिक्षा विभाग को स्कूलों और कॉलेजों, विशेषकर इंजीनियरिंग, मेडि...