रांची, मई 14 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने बंधुआ मजदूरों को मुआवजा, पुनर्वास और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने के मामले में राज्य सरकार के रवैये पर गंभीर चिंता जताई है। हाईकोर्ट ने गढ़वा उपायुक्त को निर्देश दिया है कि जनहित सेवा प्रतिष्ठान द्वारा उपलब्ध कराई गई बंधुआ मजदूरों की सूची का सत्यापन कर यह सुनिश्चित करें कि पात्र मजदूरों को अविलंब सरकारी योजनाओं और पुनर्वास का लाभ मिले। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने जनहित सेवा प्रतिष्ठान की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। यह भी पढ़ें- फैक्ट्री इंस्पेक्टर नियुक्ति पर सरकार से मांगी रिपोर्टसुनवाई के दौरान सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया गया कि बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम के तहत मुक्त कराए गए 300 से अधिक मजदूरों को अब ...