अमरोहा, फरवरी 26 -- अमरोहा, संवाददाता। माहे रमजान के सात रोजे बुधवार को मुकम्मल हो गए। रोजेदारों का ज्यादातर वक्त अल्लाह की इबादत में गुजरा, शाम को मगरिब की आजान के साथ रोजेदारों ने रोजा इफ्तार कर अल्लाह का शुक्र अदा किया। रात में हर तरफ सहरी की तैयारियों के साथ ही तरावीह की रौनक दिखाई दी। वैसे तो रमजान का हर दिन खुद में अहम है लेकिन सातवें रोजे तक पहुंचते-पहुंचते रोजेदार का शरीर और उसकी दिनचर्या रोजे की आदि बन जाती है। यह वह वक्त होता है जब इंसान अपने अंदर झांककर देखता है कि उसने कितनी बुराइयों से दूरी बनाई और कितनी नेकियों को अपने अमाल में दर्ज कराया। सात रोजे मुकम्मल होने के बाद अब पहला अशरा भी पूरा होने को है ऐसे में पहले अशरे की बाकी दो रातों में रोजेदार ज्यादा से ज्यादा अल्लाह की इबादत करते हुए कुरान की तिलावत कर रहे हैं। मस्जिदों म...
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