वाराणसी, जनवरी 22 -- वाराणसी, संवाददाता। सिविल जज (सीनियर डिविजन, फास्ट ट्रैक कोर्ट) भावना भारती ने गुरुवार को ज्ञानवापी के प्राचीन मामले में सुनवाई की। प्रतिवादी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के हवाला देते हुए वाद के अग्रिम सुनवाई न किए जाने की मांग की। कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय की याचिका पर वर्शिप ऐक्ट के तहत विवादित सभी मामलों पर अग्रिम सुनवाई पर रोक लगाई है। पिछले दिनों जिला जज की कोर्ट ने भी सील वुजूखाने के ताले पर कपड़ा बदलने के मामले में भी प्रशासन की अर्जी पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने दलील दिया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कोई आदेश नहीं दिया है। हाईकोर्ट ने पहले ही इस मामले को छः महीने के अंदर निस्तारित करने का आदेश दिया है। कोर्...