नई दिल्ली, अक्टूबर 16 -- नई दिल्ली, प्र. सं.। हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि मुकदमे में गैरहाजिरी का ठीकरा पक्षकार पूरी तरह वकील पर नहीं फोड़ सकते। उन्हें खुद भी अपने मामले की सुनवाई की स्थिति पर नजर रखनी होगी। न्यायमूर्ति दिनेश मेहता और अदिति चौधरी की पीठ ने यह टिप्पणी वसूली मामले में एकपक्षीय फैसले और डिक्री को चुनौती देने वाली अपील खारिज करते हुए की। पीठ ने कहा कि इंटरनेट के दौर में मुकदमों की स्थिति और अदालत के आदेश ऑनलाइन उपलब्ध हैं। वकील से संपर्क न हो तो पक्षकार अदालत से जानकारी ले सकते हैं। अपीलकर्ता 23 नवंबर की अंतिम सुनवाई और 26 नवंबर के फैसले, दोनों दिन गैरहाजिर रहा।

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