बदायूं, अप्रैल 3 -- एसएसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ित परिवार के अलग-अलग सदस्यों के बयानों में एक जैसी पीड़ा और आरोप सामने आए। झूठे मुकदमे, मारपीट, छेड़छाड़ और पुलिस की अनदेखी से परेशान परिवार ने गांव छोड़ने तक का फैसला कर लिया, अब न्याय की गुहार ही आखिरी उम्मीद बची है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...