प्रयागराज, मार्च 14 -- प्रयागराज। छोटी-छोटी बात पर मुकदमा कर सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने वालों को इस बार अपनी गलती का खामियाजा भुगतना पड़ा। अनुसूचित जाति और जनजाति एक्ट के तहत दूसरे को आरोप में फंसाने वालों को इस बार मुआवजे में मिली राशि को वापस करना पड़ा। समाज कल्याण विभाग की ओर से एससी-एसटी एक्ट, अपशब्द कहने, बलात्कार आदि के मामलों में मुआवजा देने का प्रावधान है। इस मुआवजे की तीन अलग-अलग किस्त होती है। यानी सबसे पहले मुकदमा दर्ज होने पर 40 फीसदी राशि दी जाती है। विवेचना होने और मामला कोर्ट में जाने पर 40 फीसदी और सुनवाई पूरी होने व सजा होने पर शेष 20 फीसदी राशि दी जाती है। मुआवजा राशि अलग-अलग मामलों की गंभीरता के आधार पर दिया जाता है। पिछले साल एससी-एसटी एक्ट और अपशब्द कहने के मामले में 20 ऐसे मामले आए जिन्हें पहली दो किस्त जारी कर दी ग...
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