​प्रयागराज, जुलाई 10 -- Allahabad Highcourt Order: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की एडवोकेट वेलफेयर स्कीम के तहत मुआवजा मिलने में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने एक दिवंगत अधिवक्ता की विधवा को मुआवजे के लिए बार-बार अदालत के चक्कर लगवाने को जबरन थोपा गया मुकदमा करार देते हुए उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण कोष ट्रस्टी सोसाइटी के सदस्य सचिव से जवाब मांगा है। ​यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार एवं न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ ने ज्योतिमा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। ज्योतिमा ने अपने दिवंगत पति के मुआवजे के लिए वर्ष 2020 में ही आवेदन कर दिया था लेकिन उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण कोष ट्रस्टी सोसाइटी द्वारा उन्हें यह भुगतान नहीं किया गया। उसे हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी, जिसके बाद न्यायालय के हस्तक्षेप पर अक्टूबर 202...