मुंगेर, मई 25 -- मुंगेर, एक संवाददाता। मुंगेर विश्वविद्यालय की स्थापना को 8 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन उसका स्थायी परिसर आज भी कागजों, बैठकों और भूमि सर्वेक्षणों के बीच उलझा हुआ है। उच्च शिक्षा के बड़े केंद्र के रूप में विकसित होने का सपना संजोए यह विश्वविद्यालय अब तक अपने भवन के लिए निश्चित जमीन तय नहीं कर पाया है। भूमि अधिग्रहण की सुस्त प्रक्रिया और प्रशासनिक पेच ने इस महत्वपूर्ण परियोजना पर मानो ग्रहण लगा दिया है। ज्ञात हो कि, पूर्व में रामनगर थाना क्षेत्र की जमीन को विश्वविद्यालय परिसर के लिए चयनित किया गया था। उम्मीद जगी थी कि, लंबे इंतजार के बाद मुंगेर विश्वविद्यालय को अपना स्थायी ठिकाना मिलेगा, लेकिन जमीन के स्वामित्व, रैयती दावों और मुआवजे से जुड़े विवादों ने पूरी प्रक्रिया को ठहराव में डाल दिया। प्रशासनिक स्तर पर कई दौर की चर्चा हु...