मुंगेर, सितम्बर 6 -- ​मुंगेर, निज संवाददाता। सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के बड़े-बड़े दावों और करोड़ों के बजट की पोल खोलती घटना सामने आई है। जिले के जिस सदर अस्पताल को 'मॉडल अस्पताल' का दर्जा देकर हर महीने लाखों रुपये पानी की तरह बहाए जाते हैं, वहां इलाज के नाम पर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 60 वर्षीय बुजुर्ग मरीज का इलाज आधुनिक मेडिकल उपकरणों के बजाय 'दवाई के गत्ते' (कार्टन) से किया गया। 5 दिनों तक चले इस 'जुगाड़ इलाज' के बाद शनिवार सुबह मरीज की मौत हो गई। सिविल सर्जन डॉ. राजू ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि, उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। ससुराल आए थे बुजुर्ग, सड़क हादसे में टूटा पैर: जानकारी के अनुसार, बलिया निवासी 60 वर्षीय इंदल सदा कुछ दिन पूर्व अपने ...