मुंगेर, अप्रैल 16 -- मुंगेर, निज संवाददाता। भारतीय ज्ञान परंपरा को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने और प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण हेतु भारत सरकार की फ्लैगशिप पहल 'ज्ञान भारतम् मिशन' मुंगेर में मिशन मोड पर शुरू हो गई है। बुधवार को समाहरणालय संवाद कक्ष में जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इसके सफल क्रियान्वयन को लेकर रणनीति तैयार की गई।एक सप्ताह में 1000 पांडुलिपियों का लक्ष्यःजिलाधिकारी ने बताया कि जिले में अब तक 200 से अधिक पांडुलिपियों का डिजिटलाइजेशन किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अगले एक सप्ताह के भीतर इस संख्या को 1000 के पार ले जाएं। यह भी पढ़ें- संविधान की दुर्लभ मूल प्रति का डीएम ने किया अवलोकन डीएम ने स्पष्ट किया कि 75 वर्ष से अधिक पुराने कागज, भोजपत...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.