मुंगेर, जनवरी 8 -- मुंगेर, रणजीत ठाकुर/ मुंगेर जिले में गहराता जल संकट अब केवल पेयजल की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह जिले की परंपरागत अर्थव्यवस्था, सामाजिक संरचना और रोजगार के स्रोतों को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। संग्रामपुर, तारापुर एवं असरगंज से होकर बहने वाली बद्दुआ एवं बेलहरणी नदी, टेटिया बंबर, संग्रामपुर, तारापुर एवं असरगंज प्रखंड से होकर बहने वाली महाने नदी, हवेली खड़गपुर की मणि नदी और बरियारपुर प्रखंड में बहने वाली उंभी नदी एवं धरहरा प्रखंड में बहने वाली सिपाही सपने एवं खजुरिया नदियां तथा इन सभी की सहायक नदियां आज सूखने के कगार पर हैं। कभी जीवनदायिनी एवं ग्रामीण मुंगेर की जीवन रेखा मानी जाने वाली ये नदियां अब अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही हैं। नदियों का अविरल बहाव रुकने, अतिक्रमण, प्रदूषण और अनियंत्रित बालू एवं मिट...