भागलपुर, अगस्त 30 -- मुंगेर। हिन्दुस्तान संवाददाता जैन धर्मावलंबियों का दस दिवसीय पर्यूषण पर्व का तीसरा दिन शनविार को उत्तम आर्जव धर्म के रूप में मनाया गया। सुबह जैन धर्मावलंबी जैन मंदिर पहंुचकर भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक एवं पूजाकर उत्तम आर्जव (सरलता) को जीवन में अपनाने के भाव के साथ भक्ति में लीन होकर ईष्ट देव की आराधना कर कपटपूर्ण व्यवहार से दूर रहने का संकल्प लिया। जैन समाज के निर्मल जैन ने बताया कि जीवन में सरलता का आना उत्तम आर्जव है। मन, वचन, कर्म में समानता आना ही आर्जव भाव है।

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