भागलपुर, जून 13 -- मुंगेर धरहरा से प्रवीण कुमार की रिपोर्ट उम्र 70 वर्ष चेहरे पर झुर्रियां, सिर पर सफेद बाल और हाथों में दशकों की मेहनत के निशान। लेकिन खेती को लेकर उत्साह ऐसा कि आज भी युवा किसानों को मात दे दें। प्रखंड के मोहनपुर गांव के किसान हीरा प्रसाद सिंह ने अपने खेत को ही खेती की पाठशाला बना दिया है, जहां आसपास के गांवों के किसान नई तकनीक और परंपरागत ज्ञान सीखने पहुंचते हैं। करीब पांच दशक से खेती कर रहे हीरा प्रसाद बताते हैं कि एक समय था जब किसान केवल परंपरागत तरीके से खेती करते थे। मौसम की मार और बढ़ती लागत के कारण आमदनी कम होती जा रही थी। ऐसे में उन्होंने खेती के तौर-तरीकों में बदलाव शुरू किया। फसल चक्र अपनाया, जैविक खाद का प्रयोग बढ़ाया और पानी की बचत करने वाली तकनीकों को खेत में उतारा। धीरे-धीरे उनकी उपज बढ़ने लगी और लागत कम हो...